भरणी नक्षत्र में जन्मे लोग
भरणी परंपरा में धारण करने और निभाने का नक्षत्र माना जाता है - ज़िम्मेदारी उठाने और उसे पूरा करने का - जिसका स्वामी शुक्र है और देवता धर्म के रक्षक यम हैं।
खुद मिलान देखें: पूरे 36 गुण और मांगलिक दोष, मुफ़्त, कुछ ही पल में।
गुण मिलान ऐप खोलेंआकाश की कथा
भरणी के देवता यम हैं, जिन्हें धर्मराज कहा जाता है, सही आचरण के रक्षक। उनकी सबसे प्यारी कथा एक पारिवारिक कथा है। उनकी बहन यमुना उन्हें बार-बार घर बुलाती थीं, और आख़िर दीवाली के बाद की द्वितीया को वे आए। यमुना ने तिलक लगाकर और अपने हाथों से भोजन बनाकर उनका स्वागत किया, और यम इतने प्रसन्न हुए कि उन्होंने उस दिन बहन के घर जाने वाले हर भाई को आशीर्वाद दिया। परिवार आज भी इसे भाई दूज के रूप में मनाते हैं। परंपरा भरणी के लोगों में यही स्वभाव देखती है: सही बात पर अडिग, और अपनों के लिए नरम दिल।
नाम में क्या छिपा है
भरणी का अर्थ है 'धारण करने वाली' या 'उठाने वाली', और इसका प्रतीक गर्भ है, वह स्थान जहाँ नया जीवन तैयार होने तक सँभालकर रखा जाता है। परंपरा में नक्षत्र के हर चरण का बच्चे के नाम के लिए अपना अक्षर होता है, और जन्म के समय चंद्रमा जिस चरण में हो, उसी का अक्षर लिया जाता है: ली, लू, ले या लो।
स्वभाव
माना जाता है कि भरणी नक्षत्र में चंद्रमा वाले लोग गहराई से महसूस करते हैं और बहुत कुछ अपने कंधों पर उठाते हैं। स्वामी ग्रह शुक्र इन्हें सुंदरता, आराम और जीवन की अच्छी चीज़ों से प्रेम देता है।
खूबियाँ
ये अपनी इच्छा के बारे में ईमानदार होते हैं और सही बात पर अडिग रहते हैं। एक बार ज़िम्मेदारी ले लें तो उसे पूरा करते हैं, चाहे वह कितनी ही भारी हो जाए। कई लोगों में कला की परख होती है और मेहमानों के लिए खुला, उदार हाथ होता है। मेहनत या कड़वा सच इन्हें आसानी से नहीं डराता, और कठिन समय में परिवार अक्सर इन्हीं पर टिकता है।
परिवार और विवाह में
घर में ये समर्पित और देखभाल करने वाले होते हैं, और अपनों से गहरा लगाव रखते हैं। इन्हें सजा-सँवरा, आरामदायक घर अच्छा लगता है और त्योहार व पारिवारिक मेल-जोल पसंद आते हैं। इनकी भावनाएँ गहरी होती हैं, इसलिए किसी ठेस को मन में पकड़े रखने की आदत पर इन्हें ध्यान देना चाहिए; देर तक चुप रहने से समय पर कही गई साफ़ बात इनके लिए बेहतर है।
कैसा जीवनसाथी भाता है
खुले स्वभाव का, स्नेही और भरोसेमंद जीवनसाथी इनके लिए अच्छा रहता है, जो इनकी देखभाल की क़द्र करे और उसी तरह लौटाए। जीवनसाथी की नरमी और शांत स्वभाव इन्हें सहज करता है, और घर, खाने और पारिवारिक जीवन का साझा आनंद इनका सबसे अच्छा रूप सामने लाता है। ये विवाह को पूरा मन देते हैं और ऐसा साथी चाहते हैं जो उसे उतनी ही गंभीरता से ले।
कुंडली मिलान में
भरणी मनुष्य गण, मध्य नाड़ी और हाथी योनि का नक्षत्र है। मिलान में ये तीनों जीवनसाथी के नक्षत्र से मिलाए जाते हैं: जीवनसाथी की नाड़ी भी मध्य हो तो नाड़ी दोष बनता है; उसका गण राक्षस हो तो गण दोष बनता है; और योनि कूट में दोनों के पशुओं का मेल देखा जाता है। कई बार दोनों कुंडलियों की दूसरी बातें दोष को काट देती हैं, इसलिए कोई नक्षत्र अपने आप में मिलान को अच्छा या बुरा नहीं बनाता। पूरी बात इस पेज पर है: कुंडली मिलान कैसे होता है।
इन्हें भी पढ़ें
- कुंडली मिलान कैसे होता हैगुण और मांगलिक कहाँ से आते हैं, और नतीजा कैसे पढ़ें
- कितने गुण मिलने चाहिए?18 गुण की सीमा, कुल गुणों का मतलब, और गुण मिलान ऐप के चार उत्तर
- मांगलिक दोषमांगलिक होने का मतलब, और कौन-सी जोड़ी ठीक बैठती है
- नाड़ी दोषसेहत और संतान का कूट, सबसे भारी, और कब इसका दोष कटता है
- 27 नक्षत्रहर जन्म नक्षत्र के लोगों का स्वभाव, कथा और कैसा जीवनसाथी उन्हें भाता है
- 12 राशियाँहर चंद्र राशि के लोग कैसे होते हैं, घर-परिवार में और विवाह में
अपना मिलान मुफ़्त में देखें
- पूरे 36 गुण, नाड़ी और गण दोष, और लग्न से मांगलिक दोष
- जन्म विवरण भरें, या बायोडाटा PDF या फ़ोटो के रूप में अपलोड करें
- दोनों कुंडलियाँ, उत्तर भारतीय शैली में
- हिंदी और अंग्रेज़ी में
- नतीजा WhatsApp पर भेजें, प्रीव्यू कार्ड के साथ
- मुफ़्त, कोई साइन-अप नहीं; सहेजे गए लोग और पुराने मिलान आपके फ़ोन पर ही रहते हैं