हस्त नक्षत्र में जन्मे लोग
हस्त, यानी हाथ, परंपरा में कौशल और कारीगरी का नक्षत्र माना जाता है - ऐसे चतुर, सक्षम लोगों का जो अपने हाथों से काम कर दिखाते हैं।
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गुण मिलान ऐप खोलेंआकाश की कथा
हस्त के देवता सविता हैं, सूर्य का वह रूप जो संसार को जगाकर काम पर लगाता है। गायत्री मंत्र उन्हीं को समर्पित है, जो अनगिनत घरों में सूर्योदय पर पढ़ा जाता है, और वेद उन्हें 'हिरण्यपाणि', यानी सुनहरे हाथों वाला, कहते हैं, जो हर सुबह हाथ फैलाकर हर प्राणी को उसके काम के लिए जगाते हैं। इसलिए ठीक ही है कि यह नक्षत्र हाथ कहलाता है और इसके पाँच तारे अक्सर पाँच उँगलियों जैसे देखे जाते हैं। परंपरा हस्त के लोगों में सविता का यही वरदान देखती है: कुशल हाथ, तेज़ व्यावहारिक बुद्धि और काम पूरा करने की ख़ुशमिज़ाज तत्परता।
नाम में क्या छिपा है
हस्त का सीधा अर्थ है 'हाथ', और इसका प्रतीक खुली हथेली है, हर कारीगरी का औज़ार और देने व आशीर्वाद की मुद्रा। परंपरा में नक्षत्र के हर चरण का बच्चे के नाम के लिए अपना अक्षर होता है, और जन्म के समय चंद्रमा जिस चरण में हो, उसी का अक्षर लिया जाता है: पू, ष, ण या ठ।
स्वभाव
माना जाता है कि हस्त नक्षत्र में चंद्रमा वाले लोग कुशल, व्यावहारिक और हाज़िरजवाब होते हैं। स्वामी ग्रह चंद्रमा इन्हें संवेदनशीलता, कल्पनाशक्ति और सहज, मधुर व्यवहार देता है।
खूबियाँ
ये हाथ और दिमाग़ दोनों से अच्छे होते हैं, चाहे शिल्प हो, खाना बनाना, उपचार, लेखन या व्यापार। कई लोग साधन-संपन्न होते हैं जो थोड़े में भी कुछ काम का बना लेते हैं। इनमें हल्का-फुल्का हास्य होता है, ये अच्छे साथी होते हैं और हर तरह के लोगों से निभा लेते हैं। मेहनती और लचीले होने के कारण ये विचारों को व्यावहारिक नतीजों में बदलते हैं।
परिवार और विवाह में
घर में ये मददगार, ध्यान रखने वाले और छोटी-छोटी विचारशील बातों से भरे होते हैं। इन्हें साफ़-सुथरा, अच्छी तरह चलता घर पसंद है और अक्सर ठीक करने, सजाने और सँभालने वाले यही होते हैं। इनका सक्रिय मन इन्हें बेचैन या चिंतित कर सकता है, इसलिए परिवार के साथ आराम का समय और शांत दिनचर्या इन्हें सबसे अच्छे रूप में रखती है।
कैसा जीवनसाथी भाता है
स्नेही, प्रसन्न और इनकी व्यावहारिक देखभाल की क़द्र करने वाला जीवनसाथी इनके लिए अच्छा रहता है, जिसे घर और साझा योजनाओं पर साथ काम करना अच्छा लगे। दयालुता और बातचीत से इनका मन खिल उठता है, और ऐसे साथी से जो दिखावे से ज़्यादा मेहनत की क़द्र करे। ऐसे साथी के साथ ये वफ़ादार, सक्षम और समर्पित रहते हैं, और इनके कुशल हाथ घर को फलता-फूलता रखते हैं।
कुंडली मिलान में
हस्त देव गण, आदि नाड़ी और भैंस योनि का नक्षत्र है। मिलान में ये तीनों जीवनसाथी के नक्षत्र से मिलाए जाते हैं: जीवनसाथी की नाड़ी भी आदि हो तो नाड़ी दोष बनता है; उसका गण राक्षस हो तो गण दोष बनता है; और योनि कूट में दोनों के पशुओं का मेल देखा जाता है। कई बार दोनों कुंडलियों की दूसरी बातें दोष को काट देती हैं, इसलिए कोई नक्षत्र अपने आप में मिलान को अच्छा या बुरा नहीं बनाता। पूरी बात इस पेज पर है: कुंडली मिलान कैसे होता है।
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